नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है ओंकार । मेरी वेबसाइट OKTECHGALAXY.COM पर आपका स्वागत है । दोस्तों आप आजकल कई सारे फोन इस्तेमाल करते हो और हर एक फोन के लिए आपको चारजर तो मिलता ही है। उन चार्जर के बारे में ही आज हम जानेंगे एक पोस्ट मैंने पहले अपलोड किया था जो चार्जर के सिंबॉल के बारे में था वह पोस्ट भी आप अधिक जानकारी के लिए पढ़ सकते ।

तो फिलहाल हमें चारजर के प्रकार जाने है। दोस्तों दुनिया जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। एडवांस हो रही है। वैसे-वैसे हमें नई तकनीक की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में फोन का चार्जर भी पीछे नहीं है। तो हम इस पोस्ट में चार्जर के बारे में क्या कुछ नया इंटरेस्टिंग हो रही खुल जाएंगे यह में सबसे पहले आपको बता देता हूं उसके बाद हर पॉइंट की अलग से जानकारी दी जाएगी

दोस्तों चार्जर जिस तरह से 5 या 10 साल पहले थे वह आज नहीं रहे है। चारजर की भी प्रकार मोबाइल की तरह ही बदलते जा रहे है। हर नई कंपनी नई टेक्नोलॉजी के साथ चारजर भी बना रही है। तो इन्हीं चार्जर को आज हम समझेंगे

Types of Smartphone Chargers, चार्जेर्स के प्रकार जाने, यूएसबी चार्जर क्या है, टाइप सी चार्जर होता क्या है, वायरलेस चार्जर क्या है, सोलर फोन चार्जर होता क्या है, what is usb charger, what is type c charger, what is wireless charger, what is solar charger.
यूएसबी, टाइप सी चार्जर, वायरलेस चार्जर और सोलर चार्जर होता क्या है?

परमल 5 वोल्ट चार्जर

दोस्तों यह 4003 वोल्ट से 5 वोल्ट पर तथा 10 वोल्ट तक होते थे यह गोली या फिर नॉर्मल मिनी यूएसबी केबल के साथ आते थे जब कुछ बटन के फोन थे या फिर नए फोन में भी इसी तरह का चार्जर आपको मिलता था यह चार्जर चार्जिंग की स्पीड को काफी कम कर देता था ।

पर एक स्मार्टफोन के हिसाब से वह उस वक्त काफी बेहतर माना जाता था पर मोबाइल की बैटरी और बाकी फीचर्स ज्यादा बैटरी स्माल करने लगे तो मोबाइल बैटरी की कैपेसिटी और चार्जिंग स्पीड भी बढ़ाना जरूरी था तो ऐसे में यूएसबी चार्जर आने लगे ।

यूएसबी चार्जर

ओ usb4 जिसमें आपको चार्जिंग स्पीड अच्छा खासा और बेहतर मिलता है। इसमें एक एडाप्टर और एक यूएसबी केबल होती है। और यह दोनों अलग-अलग पार्ट में आपको मोबाइल कंपनीज क्या कर आती थी 4 इयर्स को दो अलग-अलग भाग में बनाया जाता था या फिर इस चार्जर के दो अलग-अलग वैरीअंट बनाए गए जिसमें वायर एडाप्टर के साथ पहले से अटैच मिलती है।

और दूसरा ग्रैंड यह था कि आप यूएसबी थ्रू वायर को एडाप्टर के साथ कनेक्ट करते हो यह चारजर भी जब मार्केट में आया था तब काफी लोगों को पसंद आया था और यह आपके कई तरह से पैसे बचा था था जैसे कि एडेप्टर खत्म या खराब हो जाए तो आप सिर्फ एडॉप्टर खरीद पाते हो और यूएसबी केबल खराब हो जाती थी तो आपको उसे भी खरीदने का मौका मिलता था यानी कि पूरा चारजर खराब होने के चांसेस काफी कम हो गए थे

टाइप सी चार्जर

तो टाइप सी चार्जर हाल ही की एक बेहतर टेक्नोलॉजी चार्जिंग के मामले में मानी जाती है। इसमें आपको यूएसबी केबल चार्जर स्लॉट पलक मिलता है। यानी कि आप किसी भी तरह से किसी भी जगह से चार्जिंग स्लॉटको अपने स्मार्टफोन के साथ लगा सकते हो यह चारजर आपके चार्जिंग स्पीड क्यों बढ़ाता था और अगर यूएसबी चार्जर और टाइप सी चार्जर में फर्क देखिए तो चार्जिंग स्पीड और यूएसबी स्लॉट या पोर्ट का ही फर्क है। इस चार्जर को यूएसबी टाइप सी चार्जर भी कहा जाता है।

और यह इसलिए क्योंकि यूएसबी टाइप ए में यूएसबी पोर्ट फ्लैट और थोड़े से बड़े होते है। यूएसबी टाइप बी में यह यूएसबी पोर्ट पर देखने को मिलते है। और टाइप सी में यह पूरी तरह से गोल होते है। यानी कि आप इस यूएसबी टाइप सी पोर्ट को किसी भी ओर से इस्तेमाल कर सकते हो ।

और इसी टेक्नोलॉजी को टाइप सी चार्जर में इस्तेमाल किया गया और यह चर्चा भी आप किसी भी और से स्मार्टफोन या अन्य डिवाइस के साथ कनेक्ट कर सकते हो टाइप सी यू एस बी के साथ आप अधिक ज्यादा गति से डेटा और चार्जिंग को ट्रांसफर कर सकते हो इसीलिए यह टेक्नोलॉजी सबसे बेस्ट आज के दौर में मानी जाती है।

वायरलेस चार्जर

इसके बाद अगर देखा जाए तो वायरलेस चार्जिंग भी एक आने वाली बेस्ट टेक्नोलॉजी मानी जा रही है। क्योंकि यह नाम के अनुसार वायरलेस ही है। यानी कि किसी भी वायर के बिना आप अपने स्मार्टफोन या अन्य डिवाइस को चार्ज कर पाओगे इसे ज्यादातर सेंसर द्वारा ऑपरेट किया जाता है। यानी कि वायरलेस चार्जर के सेंसर को स्मार्टफोन के सेंसर डिटेक्ट कर लेते है।

तो इसके बाद सीधा चार्जिंग को ही ट्रांसफर कर दिया जाता है। यानी कि इलेक्ट्रिसिटी को चार्ज में बदला जाता है। जय वायरलेस चार्जर आज काफी सारे लोगों को पसंद आ रहे है। क्योंकि बिना वायर के फोन को चार्ज करना एक अलग ही एहसास होता है। पर इसकी खास बात के अलावा एक बुरी बात यह है। कि यह चार्जर कीमत में काफी ज्यादा होती है। और आपको अपने पास वायरलेस 4000 के साथ-साथ उसे सपोर्ट करने वाला स्मार्टफोन भी होना चाहिए

अटैचेबल बैटरी चार्जर

दोस्तों वैसे तो यह चारजर काफी पुरानी टेक्नोलॉजी है। पर इससे कई सालों तक हमने स्मार्टफोन को चार्जिंग किए थे इसमें आपको एक अलग ही काम करना पड़ता था यानी कि जब आप के मोबाइल का चार्जर आपके पास नहीं होता था ।

तो आपको अपने स्मार्टफोन या मोबाइल फोन की बैटरी निकाल कर एक चार्जर पर लगानी पड़ती थी और इस चार्जर को बैटरी के साथ कनेक्ट करना पड़ता था दोस्तो आपको याद होगा कि ऐसे चार्जर हर घर में पहले हुआ करते थे इस चार्जर को इस्तेमाल करने के लिए आपको बैटरी के प्लस और माइनस पॉइंट को चार्जर के दो तार पर लगाना होता था और अब की बैटरी चार्ज होने लगती थी ।

सोलर मोबाइल फोन चार्जर

दोस्तों यह 4000 की टेक्नोलॉजी भी आने वाले समय में काफी बदल जाएगी और आप को कम से कम वक्त में सूरज की किरणों से मोबाइल स्मार्टफोन 4G करने का मौका मिल जाएगा इसमें आपको एक सोलर पैनल मिलता है। जो कि फोल्डेबल होता है। और इसके साथ एक टाइप बिया टाइप सी यु एस बी केबल होती है।

और जिस तरह से हम घर के ऊपर टंकी में पानी गर्म करते है। वह भी सोलर पैनल से उसी तरह यह पैनल भी काम करेंगे ऐसे कोई चारजर तैयार हो गए है। जो कि सूरज की किरणों को मोबाइल स्मार्टफोन के चारजर में ट्रांसफर कर देते है। पर फिलहाल 49000 द्वारा स्मार्ट फोन को चार्ज करने का चार्जिंग स्पीड काफी स्लो है। पर कुछ सालों बाद आप काफी कम समय में अच्छी खासी चार्जिंग स्पीड इन चार्जर द्वारा पा सकते हो 

अगर ऐसी चार्जर की खास बात मैं आपको बता दूं तो आपको फ्री में ही फोन को चार्ज करने का मौका मिलता है। और आने वाले कुछ 5 सालों में आपको अपने स्मार्टफोन पर ही बैक पैनल और उसी में सोलर पैनल मिल जाएगा जो कि आपको चारजर के साथ-साथ स्मार्ट फोन यूज़ करने का मौका भी देगा इस टेक्नोलॉजी से आप चलते हुए या फिर घूमते हुए भी अपने स्मार्टफोन को चार्ज कर सकते हो

दोस्तों क्या आपने सुना है। कि आप जितना चलोगे उतना ही अपने स्मार्टफोन कोचार्ज कर पाओगे नहीं ना तो यह भी आपके साथ आपके फोन में हो सकता है। अब यह इसलिए क्योंकि कई सारे एप्लीकेशन है। जो आपको डेली एक्टिविटीज करने के पैसे दे देते है।

यानी कि आप कितना चलते हो कितना दौड़ते हो इसके हिसाब से आपको पैसे भी मिलते है। और और इसी टेक्नोलॉजी को चार्जर में इस्तेमाल कर दिया जाए तो आप चलते चलते हुए अपने फोन को चार्ज कर पाओगे इसके लिए काफी सारा वक्त लगेगा पर आपके शरीर में जो कोई ऊर्जा निर्माण होगी ।

या फिर आप कितनी कैलरी अपने दिल्ली काम के लिए यूज कर रहे हो उसके हिसाब से चार्जिंग का भी आप को मौका मिल सकता है। हालांकि इस टेक्नोलॉजी के लिए चार्जर में कई सारे सेंसर और डिवाइस लगेंगे पर यह काम भी आने वाले कुछ सालों में हो सकता है।