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Space Object दूसरे ग्रहों से लाने के बाद क्या होता है?

दोस्तो नमस्कार मेरा नाम है ओंकार और मेरी वेबसाइट पर आपका स्वागत है। दोस्तों के सारे गैलेक्सी में आपको वेबसाइट पर देता रहता हूं कुछ साधन पत्थर भी शामिल हो सकते है। कमाई करके देते है। इसके बारे में पूरा आर्टिकल है। दोस्तों मैंने कई सारे आर्टिकल में प्रोग्राम या मिशन के फायदे में यह बताया है। कि वहां से कुछ मिट्टी पत्थर भी इकट्ठा करके लाने के लिए भी कहा जाता है। ताकि उस पर रिसर्च करके अनुमान लगाया जाए

ऐसे में इन साधनों में दूसरे ग्रहों की उपग्रहों की मिट्टी पत्थर मेटल पानी के नमूने भी शामिल हो सकते है। तो ऐसे साधनों पर बाद में रिसर्च की जाती है। और वहां से बीते हुए कल का अनुमान लगाया जाता है। उस पर कई सारे रिसर्च की जाती है। कई सारे केमिकल से उस पर रिसर्च की जाती है। ऐसे में नील आर्म स्ट्रांग द्वारा चांद से भी लगभग 20 से 50 ग्राम मिट्टी लाई गई थी उस मिट्टी पर रिसर्च करने के बाद क्या हुआ?

दूसरे ग्रहों से लाई चीजों का क्या होता है?

दोस्तों वैसे तो दूसरे ग्रहों से लाने लायक तो कुछ होता नहीं है। क्योंकि वहां पर जाने का खर्चा इतना है। कि आम आदमी नॉर्मल लाइफ के लिए खर्च करें तो भी खत्म नहीं होंगे तो वहां से लाने का खर्च तो उससे डेढ़ गुना बढ़ जाता है। तो वहां से ज्यादातर क्या लाया जा सकता है। यह पहले समझे और उसके बाद उस पर क्या रिसर्च होती है। वह भी हम समझेंगे

मेटल

दोस्तों मेटल का सिर्फ लोहा ही मतलब नहीं है। मेटल यानी कि मैटेलिक चीजें जो होगी वह लाई जाएंगी ऐसे में ज्यादातर चीजें पत्थरों के स्वरूप में मिलती है। या फिर पत्थरों के अंदर मिलती है। ऐसे में ओ खनिज या धातु कौन सा है। यह जानना काफी मुश्किल होता है। दूसरे ग्रहों पर क्योंकि एस्ट्रोनॉट ज्यादातर साधन सामग्री लेकर किसी दूसरे ग्रहों पर नहीं उतरते है। तो उस सीधा पत्थर या मिट्टी ही इकट्ठा करते है। तो भी कुछ सौ दो सौ ग्राम के हिसाब सही वापस धरती पर लाए जा सकते है। पत्थरों के रूप में होते है। और धरती पर लाकर उन पर विश्वास करना पॉसिबल होता है।

लाए गए कंपोनेंट पर रिसर्च

तो दोस्तों लाए गए कंपोनेंट में ज्यादातर पत्थर या फिर पतरा जैसे कुछ मैटर शामिल हो सकते है। तो धरती पर उन्हें लाने के बाद उन्हें काफी बारीकी से तोड़ा जाता है। और तोड़ने के बाद उसमें से उस पत्थरों का हर एक हिस्सा अलग अलग करके रखा जाता है। उसके बाद उन पत्थरों की निर्मिति कैसे हुई और यह कितने साल पुरानी है। जिसकी जांच की जाती है। इसके लिए कई सारे केमिकल प्रयोग किया जाता है।

अरे सच में ली गई जानकारी के हिसाब से उसे एक रिपोर्ट तैयार किया जाता है। जो कि सरवर पर अपलोड किया जाता है। ताकि उन्हें दोबारा से जाया जाए । साथ में हुई चीजों पर बाहरी वातावरण का कितना परिणाम हुआ और वह कितने दिनों से उस ग्रहों पर शामिल थी वह भी देखा जाता है।

दोस्तों ऐसे भी कई सारे बैक्टीरिया मुझे दे दो तारा रे बिना किसी बाहरी चीजों के या फिर बिना पानी के। तो ऐसे बैक्टीरिया हो पर भी काफी बारीकी से जांच की जाती है।

दूसरे ग्रहों से लाए गए चित्रों की खरीदी बिक्री

दोस्त दूसरे ग्रहों से ज्यादातर पत्थर मेटल या मिट्टी ही लाई जाती है। और इन्हें रिसर्च करने के बाद या फिर कोई का एक डाटा बनाने के बाद अगर स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन चाहे तो ही उसे बेचती है। उसे बेचने के लिए कई सारे ऑप्शन रखे जाते है। कोई तारीख गुरुवार को बुलाया जाता है। और उसे बेचकर मुनाफा कमाया जाता है।

अगर देखा जाए नील आर्मस्ट्रांग तो उनके द्वारा चांद से लाई गई मिट्टी को भी लगभग ₹30000000 में बेचा गया था अब ऐसी चीज है। या फिर ऐसे कंपोनेंट खरीदी करने वालों को सिर्फ एक शौक होता है। और वह ना ही ऐसी चीजों को रिसर्च करते है।

OMkar005

दोस्तो मेरा नाम ओंकार है और यह बात आपको हर पोस्ट मे बताई है. मे एक ब्लॉगर के साथ Photo, Video editor, Youtuber, Motivator, SEO Expert हू. और डोमेन और होस्टिंग भी लो प्राइस में देता हु. आर्ट में ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रहा हु. मेरे वेबसाइट पर ब्लॉग शेयर करने का एक अलग तरीका यह है की में एकसाथ 20 से 25 पोस्ट पब्लिश करता हु, जो काफी लोगो को पसंद भी है. अगर आपको भी वेबसाइट में दी गयी केटेगरी में से कोई विषय पर आर्टिकल पढ़ना पसंद है तो, हमेशा वेबसाइट विजिट करे और निचे दिए गए सोशल मीडिया से हमसे जुड़े रहे, ताकि आप कोई पोस्ट कभी मिस न करे.

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