नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है ओंकार । मेरी वेबसाइट OKTECHGALAXY.COM पर आपका स्वागत है । दोस्तों आप सोशल मीडिया का इस्तेमाल आज कर रहे हो तो सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते वक्त आप सोशल मीडिया एप या वेबसाइट से लॉगिन करते हो इस्तेमाल करने के लिए आपको कोई भी एक रास्ता सही लगता है।

पर जब भी आप अपना अकाउंट साइन इन करते हो या साइन अप करते हो तो एक ओटीपी भी आपको देखने को मिलता है। और उसी ओटीपी को हम आज पूरे डिटेल के साथ जानेंगे ओटीपी का मतलब तो आपको पता ही होगा क्योंकि इससे आगे की जानकारी आपको नहीं होती है। ऐसा मुझे लगता है। क्योंकि और दीपिका सिर्फ 2 से 4 सेकंड में काम खत्म हो जाता है।

पर पूरी डिटेल जान लेना काफी जरूरी है। अगर आप नॉलेज में रुचि रखते हो तो यह पोस्ट जरूर पूरा पढ़ोगे क्योंकि जानकारी कभी जाया नहीं जाती शायद आपको यह क्वेश्चन एग्जाम में आ सकते हैहै। या फिर जनरल नॉलेज के लिए आप ऐसे क्वेश्चन अपने पास रख सकते हो

इस पोस्ट में आपको नया इंटरेस्टिंग और यूज़फुल जानने को मिलेगा कि ओटीपी क्या है? ओटीपी क्यों जरूरी है? ओटीपी के प्रकार कितने है? ओटीपी कितने देर तक इस्तेमाल कर सकते है? ओटीपी के फायदे क्या है?

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ओटीपी क्या है? ओटीपी क्यों जरूरी है? Types of OTP?

ओटीपी क्या है?

दोस्तों ओटीपी एक तारा का सुरक्षा कवच अपने अकाउंट के लिए होता है। अब अकाउंट शब्द से तो आपको इतना समझ आया होगा कि यह सोशल मीडिया या फिर बैंकिंग से रिलेटेड है। जी हां दोस्तों ओटीपी ज्यादातर अकाउंट के लिए इस्तेमाल होता है। जो बैंक और सोशल मीडिया पर होते है।

यह एक कवच की तरह काम करते है और अकाउंट इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति आप ही है। यह सुनिश्चित करने का काम करते है। इसके लिए आपको अपना फोन नंबर इस्तेमाल करना पड़ता है। या फिर ईमेल आईडी इन दो चीजों से आप अपना ओटीपी पा सकते हो।  

आप ऐसी जगह पर अकाउंट बनाते हो तो ओटीपी से आपकी पहचान सुनिश्चित होती है। क्योंकि फोन नंबर आपका होता है। इसलिए ओटीपी भी आपको ही मिलेगा । दोस्तों को टीपी की एक खास बात होती है। कि ओटीपी काशी जरूरी होता है। और एक सुरक्षित रास्ता अपने अकाउंट को साइन इन करने का होता है।

ओटीपी ज्यादातर किसी को बताया नहीं जाता है। क्योंकि आपका जरूरी और टीपी एक सेकेंड के लिए भी किसी गलत व्यक्ति को मिल गया तो आपके सोशल मीडिया अकाउंट बैंक अकाउंट के साथ-साथ कई सारे नुकसान आपको उठाना पड़ सकता है।

क्योंकि आप जब ओटीपी सेंड कर रहे हो और उसी वक्त किसी और डिवाइस पर उसी पेज से लॉगिन हो रहा हो और आपको पता ना हो तब से मोटीपी से दो जगह पर साइन इन हो जाएगा और आप है।किंग का शिकार हो सकते है।

ओटीपी क्यों जरूरी है?

सुरक्षित लॉगिन के लिए

दोस्तों कोई भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपने प्लेटफार्म पर या फिर एप्लीकेशन पर कई सारे सेटिंग मौजूद कराता है। जिससे यूजर को को प्लेटफार्म या एप्लीकेशन यूजर फ्रेंडली लगे पर आपका संदिग्ध टाटा जिसे चाहिए वह आपको हैकिंग के लिए भी चुन सकता है और हैक कर सकता है। इसके लिए ही ओटीपी जरूरी होता है।

और tp1 सुरक्षा कवच अपने अकाउंट के लिए होता है। और ओटीपी की वजह से हकीम का खतरा लगभग 50 परसेंट तक घट जाता है। आपको अकाउंट साइन इन होते वक्त हमेशा ही ओटीपी आना जरूरी है।

तो आपको टू स्टेप वेरीफिकेशन को अनेबल करना होगा इससे आप जब भी लॉगिन करोगे या फिर कोई और व्यक्ति आपकी आईडी से लॉगिन करना चाहेगा तो ओटीपी के बिना काम संभव नहीं होगा

हैकिंग से बचने के लिए

दोस्तों जब अपने अकाउंट के लिए टू स्टेप वेरीफिकेशन ऑन करते हो तो इससे कंपनी या फिर एप्लीकेशन आपको हमेशा ही एक ओटीपी जरूर भेजता है। और इससे आप हैक होने से बच पाओगे ।

क्योंकि हटकर जब भी आप को हैक करना चाहेगा तब और दीपिका ही आपको एक अच्छा सोर्स मौजूद होगा पर आकर आपके बिना ओटीपी के भी है।क कर सकते है। पर उसके लिए काफी लंबा प्रोसेस होता है।

ह्यूमन वेरिफिकेशन

दोस्तों इस तरह किसी वेबसाइट पर आठ रोबोट का एक साइन या बॉक्स होता है। इसलिए होता है। कि रोबोट को उस बॉक्स के बारे में या फिर क्या लिखा है। और क्या करना है। इसके बारे में पता नहीं होगा उसी तरह ओटीपी कौनसा हैऔर कहां पर फिल करना है।

वह भी रोबोट को पता नहीं होगा इसलिए ओटीपी यह सुनिश्चित करने के लिए होता है। कि ओटीपी लेने वाला या फिर फिर करने वाला व्यक्ति एक इंसान है। और जरूरी है।

रोमन लोकेशन ट्रैकिंग

दोस्तों जब भी ओटीपी आता है। तो वह एक निर्धारित ip-address तक जाता है। इससे उस वेबसाइट को यह पता चलता है। कि ओटीपी किस एड्रेस तक गया है। और किस ऐड आईपी ऐड्रेस द्वारा फिल अप करके रिटर्न आया है।

इससे यूजर की सही लोकेशन उस वेबसाइट को समझती है। और इसी वजह से कई एप्लीकेशन आपको साइन इन होने के बाद एक लोकेशन जरूर भेजती है। के साथ-साथ ओटीपी एंटर करके सबमिट करने के लिए कुछ समय चला जाता है।

और इस कारण की वजह से उस वेबसाइट को प्रॉपर तरीके से काम करने का मौका मिलता है। सभी यूजर अगर एक ही काम एक ही वक्त एक ही वेबसाइट पर करें तो इससे उस वेबसाइट को अच्छी तरह काम करने का मौका मिलता है। और उनका सरवर भी डाउन नहीं होता है।

ओटीपी के प्रकार कितने है?

दोस्तों ओटीपी के कुछ प्रकार आते है। जो कि उसके स्टाइल फोंट और टाइम के अनुसार पर अलग-अलग होते है। और वही कुछ चार से पांच प्रकार हम इस पोस्ट में देख रहे है।

AFPHABETIC OTG

इस ओटीपी में आपको ना कि नंबर मिलते है। ना ही कोई साइन या स्पेशल कैरेक्टर मिलते है। इस ओटीपी में आपको सिर्फ अल्फाबेट मिलते है। जो एबीसीडी से लेकर जेड तक हो सकते है। इस ओटीपी में अल्फाबेट किसी भी रेंज में या फिर स्टेट में आ सकते है। मतलब लास्ट वाला अल्फाबेट सबसे पहले या बीच का सबसे लास्ट में ऐसे अल्फाबेट आते है।

NUMERIC OTP

दोस्तों यह ओटीपी सिर्फ नंबर से ही होता है। यानी कि इस ओटीपी में आपको ज्यादातर नंबर मिलते है। अब नंबर एक ओटीपी में चार या छह नंबर ही होते है। और यह ओटीपी ज्यादातर इस्तेमाल किया जाता है। कई सारे कंपनियां जैसे कि गूगल फेसबुक या फिर सरकारी कंपनियां या वेबसाइट इसी ओटीपी का सहारा लेती है। या फिर यही ओटीपी यूजर को भेजती है। 

Mix OTP

तो मिक्स ओटीपी इस शब्द से आपको समझ में आ गया होगा कि इस ओटीपी में शब्द और नंबर एक साथ मिले हुए होते है। तो आप सही सोच रहे हो ऐसा ही इस ओटीपी के साथ होता है। यह ओटीपी काफी लंबे और बड़े होते है। और और काफी सेंसिटिव वेबसाइट पर ही इसे इस्तेमाल किया जाता है।

क्योंकि वेबसाइट होना या फिर लेवल पर यही नहीं चाहते कि जो जड़ का डाटा खतरे में आ जाए इसलिए इस ओटीपी को काफी लंबा और यूनिक बनाया जाता है। जिससे है।कर है। कि ना कर पाए और यूजर सही तरीके से लॉगिन हो सके

टाइम वॉइस ओटीपी

फर्स्ट टाइम वॉइस ओटीपी का मतलब यही है। कि एक बार आपके पास कोई और टीवी आता है। तो वह उसकी वर्किंग प्रोसेस कितने देर तक रहेगी और ज्यादा से ज्यादा ओटीपी 15 मिनट से 1 घंटे तक ही इस्तेमाल किए जाते है। उसके बाद वह किसी काम के नहीं रहते है। क्योंकि आपका वह वर्किंग करने का टाइम खत्म हो जाता है।

और आप कोई नया ओटीपी लेना पड़ता है। यह इसलिए क्योंकि आपका ओटीपी बाद में ना यूज करें इसके लिए यह काम वेबसाइट करती है। इसलिए अगर आप बुरा ना ओटीपी इस्तेमाल करना चाहो तो आपको वही पे दोबारा रिफ्रेश करना पड़ता है और एक बार पेज रिफ्रेश किया तो दूसरा ओटीपी आ जाता है। पहला उड़ती भी वहां पर काम नहीं करता है।

ओटीपी कितने देर तक इस्तेमाल कर सकते है?

तो दोस्तों जैसे कि मैंने बताया 15 मिनट से 1 घंटे तक कोई भी ओटीपी इस्तेमाल किया जाता है। पर यहां पर बात आती है। 15 मिनट या 1 घंटा तो मैं आपको बता दूं हर एक वेबसाइट का अलग-अलग रूल होता है। और वेबसाइट जितने सिक्योरिटी को मानती है। या फिर सिक्योरिटी के हिसाब से चलती है। उसके हिसाब से ही ओटीपी भेजा जाता है।

ज्यादा सेंसिटिव वेबसाइट जैसे कि फेसबुक गूगल या फिर जिस पर आप ज्यादा से ज्यादा निर्भर रहते हो और प्रेस या फिर ब्लॉक जैसी वेबसाइट के ओटीपी काफी कम समय के लिए होते है। और हर वक्त आपको नया ओटीपी लेना जरूरी होता है।

किसी वेबसाइट पर अपनी कई सारे फाइलें अपलोड की है। तो ऐसी वेबसाइट आपके लिए काफी जरूरी होता है। और इसी वजह से आपका अकाउंट भी सिक्योर रहे इसके लिए आपको टू स्टेप वेरिफिकेशन शुरू करना जरूरी होता है। इससे आपको ओटीपी मिलता रहेगा और आपका अकाउंट ज्यादा से ज्यादा बेहतर सुरक्षित रहेगा।

Extra Notes

ओटीपी की एक खास बात यह होती है। कि आपको ओटीपी के लिए अपना मोबाइल नंबर या फिर ईमेल एड्रेस इंटर करना होता है। तभी आप ओटीपी ले सकते हो । कि यह दो पर्याय हो तो आप ओटीपी को एक्सेस कर सकते हो या यूज कर सकते हो ओटीपी ज्यादातर टू स्टेप वेरिफिकेशन में इस्तेमाल होते है।

मतलब आपके अकाउंट पर टू स्टेप वेरिफिकेशन का फीचर अनेबल है। तो आपको बार-बार ओटीपी आता रहेगा और इस वजह से आपका अकाउंट भी सिक्योर रहता है।

ओटीपी के फायदे क्या है?

अकाउंट सुरक्षित रखना

दोस्तों ओटीपी का सबसे बड़ा और पहला फायदा यही है कि ओटीपी से आप अपने अकाउंट को काफी सुरक्षित रख सकते हो इस पिक्चर की वजह से आप एक होने से बच सकते हो और आपका डाटा कोई हैकर से दूर रख सकते हो डाटा एक ऐसी चीज होती है। जो काफी सिक्योर रखना जरूरी है। और ओटीपी इस काम को बखूबी निभाता है। बस आपको एक काम करना होता है।

आपको अपना वोटीपी किसी को भी नहीं बताना होता है। अगर आप किसी को ओटीपी बताते हो तो इससे आप काफी बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हो और आपका नुकसान भी काफी होगा इसके लिए आपको अपना अकाउंट सुरक्षित रखना है। तो उसका वेरिफिकेशन के साथ अपना अकाउंट यूज करें और ओटीपी का सहारा लेकर ही अकाउंट इस्तेमाल करें

फोन नंबर की पहचान

दोस्तों कई बार आप अपना फोन नंबर भूल जाते हो कि आपने अकाउंट के लिए कौन सा फोन नंबर दिया था तो ओटीपी भेजने पर आपको सही नंबर पर ही ओटीपी आता है। इसी गलत नंबर पर ओटीपी चाहता नहीं है। इसलिए ओटीपी से आप अपने फोन नंबर की भी पहचान कर सकते हो कि आपने अकाउंट के लिए कौन सा फोन नंबर यूज़ किया था यह सब काम आता है।

जब आप अपने अकाउंट का पासवर्ड भूल जाते हो और फ़ॉरगोट पासवर्ड का पर्याय चुनकर अकाउंट का पासवर्ड बदलने की कोशिश करते हो । तभ भी OTP बहोत यूज होता है