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Nanoracks Technology से स्पेस स्टेशन का 172 पाउंड कचरा नष्ट

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है। ओमकार और मेरी वेबसाइट पर आपका फिर से एक बार स्वागत है। दोस्तों अंतरिक्ष के कई सारे राग हो या फिर कोई सारे मिशन हो हम अपनी वेबसाइट पर जरूर है। हमने अंतरिक्ष के कचरे के ऊपर या फेस पर भी कई सारे आर्टिकल आप तक पहुंचा है। जिसमें पहला पार्ट आपने पढ़ा हो तो आपको जरूर ही पसंद आएगा तो मैंने स्पेस साफ करने के लिए और भी कई सारे तरीके आएंगे उसमें से और भी एक तरीका आप तक पहुंचाया है।

तो दोस्तों जैसे जैसे Technology बदलती जाएगी वैसे वैसे इसमें भी कई सारे सुधार आएंगे तो स्पेस स्टेशन से जो भी कचरा बनेगा उसे किस तरह से एक लॉकर में बंद करके उसे दोबारा से धरती पर बेचा जाता है। इसका एक नया Technology आया है। और यह Technology स्पेस स्टेशन से लेकर धरती तक ही सीमित है। मतलब देश में फैला हुआ कचरा इकट्ठा करने की जिम्मेदारी इस Technology पर नहीं होगी पर जितना भी कचरा स्टेशन में बनेगा उतना तो धरती तक वापस लाया जा सकता है। और यह शुरुआती दिनों में तो काफी कारगर साबित होगा तो या Technology क्या है। और कैसे काम करती है। इस पर थोड़ी सी नजर देते है।

Nanoracks Technology क्या है?

दोस्तों इस Technology का नाम नैनो Technology दिया है। और यह Technology भविष्य का चेहरा बन सकती है। इस Technology में पहले शुरुआती दिनों में पूरी तरह से काम करना शुरू कर दिया है। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में जो भी कुछ कचरा बना था वह 172 पाउंड का चला इस Technology द्वारा  या फिर इस मिशन द्वारा तक पहुंचाने का काम पूरा कर लिया है। ।

दोस्तों एस्ट्रोनॉट डोरा स्टेशन में कई पाउंड कचरा हर हफ्ते होता ही है। इसमें से उनके क्लोथिंग से रिलेटेड हो या फिर टेक्निकल कंपोनेंट्स हो यूनियन हो या फिर और कई सारे ऐसे बर्बाद हो चुके डिवाइस हो जो वहां पर किसी भी इस्तेमाल के लिए नहीं रखे जा सकते उन्हें प्लेस्टेशन में रखकर भी कोई फायदा नहीं होता है। तथा जो जगह स्पेस एस्ट्रोनॉट को मिलनी चाहिए वह ऐसे कचरा ले लेता है। जिन्हें स्पेस में खाली करना तो मुश्किल है। और यह काफी खतरनाक भी होता है। तो ऐसा कचरा धरती पर भेजा जाए तो वह कचरा धरती को भी काफी खराब कर सकता है। क्योंकि कई सारे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हो या फिर केमिकल युक्त डिवाइस हो वह अपने धरती को तो खराब कर सकते है।

तो दोस्तों ऐसा कचरा स्पेस में भी खतरनाक है। और धरती पर भी खतरनाक है। तो इन्हें धरती के और स्पेस के बीच में लाकर जलाया जाए तो क्या होगा तो यही प्रोजेक्ट का मेन उद्देश्य है। पृथ्वी के वातावरण में आने के बाद तो हर एक स्पेस ऑब्जेक्ट जल नहीं लगता है। तो ऐसा कचरा वहां पर जलाया जाए तो वह पूरी तरह से खत्म हो जाएगा और इससे एक्सप्रेस को भी कोई नुकसान नहीं होगा और धरती को भी कोई नुकसान नहीं होगा ऐसा ही अनुमान इस प्रोजेक्ट से लगाया जाता है। तथा ऐसे ही इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाता है।

Nanoracks में BishopAirlock क्या है?

इस Technology में BishopAirlock Technology का इस्तेमाल किया गया है। और इसमें एक लॉकर की तरह स्पेस शटल है। और यह स्पेस स्टेशन से धक धक बेचा जाता है। इस विषय अनलॉक में 600 पाउंड तक कचरा भर सकते है। पर इससे ज्यादा कचरा अंतरिक्ष में स्टेशन में होता है। इस विषय पर ब्लॉक में भरा हुआ कचरा जब स्पेस स्टेशन से बाहर आता है। तब वह धरती के वातावरण की वजह से पूरी तरह से नष्ट हो जाता है। तथा जलकर खत्म हो जाता है। तो दोस्तों इस Technology में एयर लॉक वह चीज है। जिस में कचरा भरा जाता है। और इसकी कैपेसिटी 400 पाउंड तक की है। और इससे ज्यादा कचरा तो एस्ट्रोनॉट करते ही है। तो ऐसे मिशन को पूरा करने के लिए कई सारे और भी मिशन करके स्टेशन का कचरा बाहर निकालना होगा।

OMkar005

दोस्तो मेरा नाम ओंकार है और यह बात आपको हर पोस्ट मे बताई है. मे एक ब्लॉगर के साथ Photo, Video editor, Youtuber, Motivator, SEO Expert हू. और डोमेन और होस्टिंग भी लो प्राइस में देता हु. आर्ट में ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर रहा हु. मेरे वेबसाइट पर ब्लॉग शेयर करने का एक अलग तरीका यह है की में एकसाथ 20 से 25 पोस्ट पब्लिश करता हु, जो काफी लोगो को पसंद भी है. अगर आपको भी वेबसाइट में दी गयी केटेगरी में से कोई विषय पर आर्टिकल पढ़ना पसंद है तो, हमेशा वेबसाइट विजिट करे और निचे दिए गए सोशल मीडिया से हमसे जुड़े रहे, ताकि आप कोई पोस्ट कभी मिस न करे.

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