नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है ओंकार । मेरी वेबसाइट OKTECHGALAXY.COM पर आपका स्वागत है । दोस्तों जैसे जैसे टेक्नोलॉजी आगे बढ़ रही है। वैसे-वैसे योद्धा का नजारा और तरीका भी बदल रहा है। पिछले कुछ योद्धा देखे तो इस युद्ध में काफी कम मारकाट हुई ऐसा देखने को मिलता है।

पर फिर भी उस वक्त के युद्ध समय में काफी मुश्किल रहे होंगे इसलिए क्योंकि गवार हो या फिर अन्य चीजों से साथ में देसी चीजें इस्तेमाल करके इशारे युद्ध जीते गए ऐसे में पर किया आक्रमण से बचने के लिए युद्ध ही एकमात्र ऐसा उपाय था जो कि करना जरूरी था । अगर आज की टेक्नोलॉजी को देखते हुए युद्ध होते है।

तो उसका असर क्या होगा इसके बारे में आज हम जानेंगे दोस्तों टेक्नोलॉजी बदलती है। तो ऐसे में उस टेक्नोलॉजी का फायदा उठाने वाले भी बहुत होते है। और उस टेक्नोलॉजी से किसी को नुकसान करना हो तो भी पैसा इकट्ठा होते है। ऐसे में हम आने वाले कुछ ऐसी लड़ाइयां देखेंगे जो कि सनी रहन-सहन और टेक्नोलॉजी का चेहरा बदल देंगे

सबसे खतरनाक युद्ध क्यों और कैसे होंगे, पानी के लिए लड़ाई क्यों होगी, मेटल या रिसोर्सेज की कमी क्यों होती है, इंसान की एलियंस से लड़ाई क्यों होगी, वायरस अटॅक क्या है, Why most Dangerous Wars happen in future, What is nuclear war, What are satellite targeting,
सबसे खतरनाक युद्ध क्यों और कैसे होंगे? Why and how will Most Dangerous Wars happen in future?

Most Dangerous Future Wars कैसे होगी?

पानी के लिए लड़ाई क्यों होगी

दोस्तों आपने लगभग 10 साल पहले भी अपने स्कूल में पढ़ा होगा कि पानी हमारे लिए काफी जरूरी है। और पीने लायक पानी तो इस धरती पर ना के बराबर है। अपने आसपास देखते हो तो आपको एक बहती हुई बड़ी सी नदी दिखती है। समंदर दिखते है। तो उसमें से कितना पानी पीने लायक होता है।

तो आप खुद जानते होंगे पर देखा जाए इंसानी आबादी की तो वह दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। सरकार जितने चाहे नियम बना ले पर आबादी बढ़ना रुक नहीं रही है। पानी भी एक बड़ी समस्या बन गई है। जिस पानी से इंसानों का धरती पर अस्तित्व निर्माण हुआ ।

वहीं पानी की कमी इंसानी आबादी को खत्म करने के लिए काफी है। ऐसी कौन सी चीज नहीं है। जो बिना पानी के पूरी हो सके पीने से लेकर दिन के कई सारे काम पानी के बिना पूरे नहीं होते है। और पानी से लड़ाइयां किया जाता है। जैसे कि पानी रोककर बांध बनाना और उसी पानी को छोड़कर किसी शहर को डूबा देना जैसे काम भी पानी से हो सकते है। पानी की कमी भी आने वाले युद्ध के लिए काफी बड़ा कारण बनेगी

जाती धर्म की लढाई क्यों होगी?

दोस्त सारे देश एक धर्म एक जाति को मानते है। कई सारे देश अलग-अलग धर्म को एक साथ अपनाते है। पर क्या आप जानते हो कि ऐसा होने के बावजूद भी किसी भी देश को अलग-अलग धर्म अपनाना पसंद नहीं है। अलग-अलग जाति अपना ना पसंद नहीं है।

दिखावे के लिए तो एक साथ रहते है। पर ऐसा नहीं है। छोटी सी चिंगारी पूरे धर्म और जाति को भड़काने में काफी होती है। और आज भी यही हो रहा है। इसी वजह से मेरा मानना यह है। कि आने वाले दिनों में कैसा रे देश जाती धर्म की लढाई आपस में लड़ने लगेंगे और जल्द ही के सारे नए देश भी बनेंगे ।

हालांकि कुछ देश कानून के हिसाब से ही काम करते है। पर कुछ दिखावे के लिए कानून का इस्तेमाल करते है। और किसी को पता ना चले इस तरह से कानून का इस्तेमाल करके अपना काम निकालते है।

ऑक्सिजन के लिये लढाई क्यों होगी?

दोस्तों पिछले साल भर से जो लॉकडाउन था उस वक्त सीजन की भारी कमी पाई गई और कोई और उनका कुछ और था वह ऑक्सीजन हॉस्पिटल के लिए इस्तेमाल करने के लिए दे दिया यह हुई अचानक आई हुई आपदा की बात पर कई सारी कंपनियां है।

जो नियमों के दायरे में रहकर काम नहीं करती है। कई सारी कंपनियां पेड़ों को काटकर अच्छी खासी जमीन डेवलपमेंट के लिए ला रही है। कहीं जगह पर जंगल में आग लगती है। तो सही हेक्टर इलाका जल जाता है। कुछ सरकार या लोग उसका आग लगाते है। और एशिया का बना हो तो उम्मीद से ज्यादा इलाका जलने लगता है।

जिसकी वजह से हवा भी गर्म हो जाती है। और कहीं पर भी जल जाते है। की वजह से भी काफी ऑक्सीजन हवाओं में ही गर्म हो जाता है। जो कि इस्तेमाल करने लायक नहीं बचता है। इस कारण से पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। जिससे आर्ट अटैक जैसी बीमारियां भी बढ़ सकती है। यह मुद्दा काफी छोटा लगता है। पर गंभीर मामला यही है।

मेटल या रिसोर्सेज की कमी कैसे होगी?

तो दोस्तों आज हमारे पास कुछ इंधन मौजूद है। कुछ हम अन्य देशों से इंपोर्ट कर रहे है। पर इंपोर्ट कर रहे है। इसका मतलब यह है। कि हमारे पास तो पहले से मौजूद नहीं है। और जो पहले से मौजूद है। वह भी हम धीरे-धीरे खत्म कर रहे है। हालांकि वह बात अलग है। कि खुद के देश का खत्म होना और दूसरों के देश के के पास से खत्म होना दोनों में फर्क है।

पर दोनों में एक बात सेम है। कि हम रिसोर्सेज को फिर हटा रहे है। खाली का उदाहरण ले लीजिए कोयला भारत में काफी कम मात्रा में मौजूद है। यानी कि जो कंपनियां बिजली बनाती है। उनके पास पर्याप्त मात्रा में कोयला नहीं है। और यह कारण इसलिए हुआ क्योंकि दूसरे देशों में जहां से हम कोयला इंपोर्ट करते थे उनके पास भी कोयला पर्याप्त मात्रा में मौजूद नहीं है।

इस वजह से कोयले की कीमतें बढ़ चुकी है। और इसका असर हमारे बिजली के प्राइस पर भी होगा ऐसा ही कई सारे रिसोर्सेस खत्म होते जाएंगे और उनकी चीजों की कीमती बढ़ जाएंगे और ऐसे चलते रहना तो पहले पेट्रोल के लिए भारत में आंदोलन हुआ बिजली के लिए हुआ उसी तरह बाकी चीजों के लिए भी आंदोलन होने के चांसेस के

हैकर की ऑनलाइन लड़ाई कैसे होगी?

अगर किसी भी चीज को जो इलेक्ट्रॉनिक हो उसे हैक करने की काबिलियत जानते है। अब जिस चीज में सेंसर है। या फिर ip-address है। उसे ही हैकर हैक कर सकते है। ना कि कोई स्विच या बल्ब को है।क करना हो ऐसे में कौन सा है। कर कितनी बड़ी है। किंग करता है। या फिर कितनी बड़ी सिक्योरिटी को तोड़ता है। इसके हिसाब से हटकर पाए जाते है।

और यह ऑनलाइन लड़ाई भी होती है। आमने सामने दो आकर बैठे हो और एक दूसरे को है।क कर रहे हो तो एक कॉन्पिटिशन की तरह देखने को मिलता है। पर कई सारे देश है। कर को अपनी एजेंसी में काम करने के लिए अप्वॉइंट करते है। और यह इसलिए क्योंकि दूसरे देशों का डेटाबेस खराब करना हो या फिर सर्वर हैक करना हो जैसे काम को करने ही पड़ते है।

और यह हकीम की लड़ाई काफी बड़ी बन जाती है। इसके मिलिट्री देश का या फिर सरवर का एक्सेस मिल पाना काफी बड़ी बात किसी एक देश के लिए होती है। इससे देश के कई सारे सिक्योरिटी से रिलेटेड जानकारी या दूसरा देश पा लेता है। इसलिए यह लड़ाई काफी बड़ी हो जाती है।

इंसान की एलियंस से लड़ाई क्यों होगी?

दोस्तों इंसान और एलियन दोनों में इतना फर्क नहीं है। जितना इंसान और भगवान में है। इंसान धरती पर रहते है। और एलियन किसी दूसरे ग्रह पर रहते है। खानपान और एसएन के हिसाब से इन दोनों की कैटेगरी थोड़ी बहुत बदल जाती है।

बाकी हम एलियन को एलियन मानते है। वैसे ही एलियन हमको एलियन मानते है। पर एलियन धरती पर आ जाते है। तो उनका मुकाबला करना काफी मुश्किल होगा क्योंकि एलियन टेक्नोलॉजी जाहिर सी बात है। हमसे काफी आगे की होगी और इसी वजह से इंसान एलियन से लड़ नहीं पाएंगे ।

क्योंकि एलियन रोड लाइट ईयर दूर से आए है। और हम मंगल या चांद तक गए है। तो हमारे मुकाबले एलियन ही ज्यादा पावरफुल होंगे ऐसा मुझे लगता है। एलियन से लड़ाई होना मतलब भारी तबाही होगी ऐसा मुझे लगता है।

वायरस अटॅक क्यों और कैसे होगा?

दोस्तो वायरस एक ऐसी चीज होती है। जो डाकू की आबादी कुछ घंटे मे खतम करने की ताकत रखते है। लोक डॉन का समय तो आपको पता है। लोग डाऊन के समय मे किस तरह से इंसानी जाने गई उसके बारे मे भी अपने खुद देखा होगा तो पायरस हमारे आने वाले कल को निश्चित करेगा की कैसा होगा परमाणु बम से भी जा सकते है।

पर परमाणु हथियार से खतरनाक होता है। परमाणु बम करोडो की आबादी 17 मिटाने की ताकत रखता है। पर वायरस वाले अटॅक ज्यादातर धीरे धीरे इंसान को खतम कर देते है। मुश्किल होता है। पर कोरोना में कोबिर से कैसे जाने गई ।

और दो से 20 साल लगे इसलिये बाकी अटॅक की तरह सबसे घातक व शक्तिशाली होता है। तक किसी वायरस का एंटी डॉट नहीं बनता तब तक इस वायरस से उभरना काफी मुश्किल होता है। इसलिए अभी आने वाले युद्ध का एक बड़ा रीजन हो सकता है।

परमाणु युद्ध क्यों और कैसे होगा?

तो हमारे पास कई तरह के हाईटेक वेपन मौजूद है। हर देश का अपना अपना एक स्पेशल वेपन होता है। और उस शक्तिशाली व्यापम के भरोसे ही वह देश अपने देश की सुरक्षा कर पाता है। हालांकि हमारे पास परमाणु बम जैसी ताकत है।

पर एक भी परमाणु बम एलियन के हाथ लगाया फिर एलियन इस टेक्नोलॉजी के बारे में जान गए तो यही हथियार हमारे ही लिए खतरनाक होगा साथ में मैं इस व्यापार को सबसे बेकार हथियार मानता हूं क्योंकि यह जितना फायदे का है। उसे 10 गुना नुकसानदायक है।

यह एक ऐसा हथियार है। जो भारी तबाही ला सकता है। यह वेपन इंसानों ने खास इंसान को मारने के लिए बनाया है। इसलिए है। क्योंकि एक देश दूसरे देश पर परमाणु हमला करेगा तो दूसरा देश चुप थोड़ी बैठेगा वह भी इसी हथियार का प्रयोग करेगा और दोनों देशी की इस से नुकसान होगा ।

सेटेलाइट टारगेटिंग क्यों और कैसे होगी?

तो सेटेलाइट टारगेटिंग यानी कि दुश्मन के सेटेलाइट को धरती से टारगेट करना और नीचे गिराना या फिर खराब करना जैसे काम सैटरडे टारगेटिंग में आते है। और टारगेट देश का सैटेलाइट खराब करने पर दूसरा देश और लड़ाई आसानी से जीत जाएगा और यह इसलिए क्योंकि दूसरे देश के पास ना ही संचार प्रणाली होगी ना ही कोई टेक्नोलॉजी होगी ।

जिससे वह किसी आर्मी को निर्देश दे सके इसलिए सैटेलाइट आर गेटिंग भी आने वाले युद्ध का काफी रूप बदलने वाला है। मिशन शक्ति जो भारत में सबसे स्कूल बनाया वह तो आपको पता ही होगा यह न्यूज़ सुनकर मुझे काफी प्राउड फील हो रहा था क्योंकि भारत भी अब टेक्नोलॉजी के बारे में आगे बढ़ रहा है। और यही आने वाले युद्ध का सही चेहरा साबित होगा ।

दुसरे ग्रह पर अपना वर्चस्व क्यों स्थापित किया जाएगा?

दोस्तों आज कई ग्रहों पर रिसर्च कर रहे है। कहीं ग्रहों की यात्राएं कर रहे है। पर अगर देखा जाए तो दूसरे करो पर जाना जितना आसान है। उसने उससे ज्यादा वहां पर रहना मुश्किल है। अगर रहने का तरीका भी हमने सीख लिया तो भी अच्छे रिसोर्सेज जहां पर है। वहां पर लाई होना संभव है। इसलिए क्योंकि इंसानों ने पृथ्वी अच्छे रिसोर्सेस किस तरह से इंपॉर्टेंट है।

और किस तरह से होते है। इन दो चीजों के बारे में अच्छी जानकारी पाली है। अगर कोई दोस्त दूसरे ग्रहों पर जाता है। और वहां पर रहने का तरीका सीख लेता है। तो एक ही जगह पर कब्जा करने के परिणाम भी हो सकते है । के नियमों के अनुसार जो ग्रह जिस जगह की तलाश करें वही उसका माना जाएगा पर अभी तक ऐसा कोई कानून या नियम इंसानों ने माना तो नहीं है।

इसलिए दूसरे ग्रहों पर भी अपना वर्चस्व निर्माण करने के लिए कई लड़ाइयां लड़ी जा सकती है। हालांकि वह लड़ाईया पृथ्वी पर लड़ी जाएगी कानूनी तौर पर लड़ी जाएगी या फिर दूसरे ग्रहों पर सीधी लड़ाई होगी इसके बारे में मैं फिलहाल कोई नहीं जानता

अगर आपको इसके अलावा किसी बड़ाई लड़ाई के कारण पता है। जो भविष्य में होगी तो मुझे जरूर बताएं मैं आपका वह पार्ट भी इस पोस्ट में अपने नाम, एड्रेस के साथ ऐड कर दूंगा इससे अरे मैं भी कोई विजिटर्स को पता चलेगा